Thursday, 13 August 2020

सामवेद: Part IV

 

        बृहदारण्यकोपनिषदः  "सा च अमश्चेति तत्साम्नः सामत्वम्" इति वाक्येण सा इत्यस्य ऋक् इत्यर्थः तथा अम इत्यस्य गानम् इत्यर्थः, सा तथा अम इत्युभयोः साम इति व्युत्पादनमभवत्॥

      सामवेदे 1.प्रौढ(ताण्ड्य),  2.षड्विंश,  3.सामविधान,  4.आर्षेय,  5.देवताध्याय,  6.छान्दोग्य,  7.संहित,  8.वंश इत्यादीनि अष्टविधानि ब्राह्मणानि सन्ति॥

      

                                               ..... अनुवर्तते.......,

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